Lord Rama /भगवान राम - मैं हूं ना .....!

भगवान राम का एक अनन्य भक्त था वह रोज़ रात को भगवान राम से बात करता और अपने दिन भर का हाल उन्हें सुनाता था  एक बार उस व्यक्ति का दिन बहुत खराब गया. उसने रात को ईश्वर (God) से बात की। 
भक्त ने भगवान राम से कहा " भगवान, आप ग़ुस्सा  न हों तो एक प्रश्न पूछूँ ?"

भगवान राम ने कहा, "पूछ लो , जो पूछना हो ?"
व्यक्ति ने कहा, "भगवान, आपने आज मेरा पूरा दिन एकदम खराब क्यों किया ?

भगवान राम अपनी मंद मंद मुस्कुराते हुए  पूछा, लेकिन हुआ क्या ?
व्यक्ति ने कहा, 'सुबह लेट उठा क्योंकि अलार्म नहीं बजा, मुझे उठने में देरी हो गई। '

भगवान राम ने कहा, अच्छा फिर क्या हुआ ?'
व्यक्ति ने कहा, देर हो रही थी,उस पर स्कूटर बिगड़ गया।  मुश्किल से रिक्शा मिल पायी। '

भगवान राम ने कहा, अच्छा फिर......!'
व्यक्ति ने कहा, टिफ़िन ले नहीं गया था, वहां केन्टीन बंद थी। एक सेन्डविच पर पूरा दिन निकाला, वह  भी खराब थी। 

भगवान  राम मंद मंद मुस्कुराते हुए उसकी सभी बात ध्यान से सुन रहे थे। 
व्यक्ति ने फ़रियाद आगे चलाई , ' मुझे काम का एक महत्व का फ़ोन आया था और फ़ोन बंद हो गया। 

भगवान राम ने पूछा.....' हाँ  फिर आगे बताओ '
व्यक्ति ने कहा, विचार किया कि जल्दी घर जाकर AC चलाकर सो जाऊं , पर घर पहुँचा तो लाईट गई थी। 

व्यक्ति पूछता हैं भगवान.... सब तकलीफें मुझे ही. ऐसा क्यों किया मेरे साथ ?
भगवान राम ने कहा, ' देख , मेरी बात ध्यान से सुनो। 

आज तुझपर कोई आफ़त थी. इसलिए  मेरे देवदूत को भेजकर मैंने रुकवाई। अलार्म बजे ही नहीं ऐसा किया।स्कूटर से एक्सीडेंट होने का डर था इसलिए स्कूटर बिगाड़ दिया। केन्टीन में खाने से फ़ूड पोइजन हो जाता। 

फ़ोन पर बड़ी काम की बात करने वाला आदमी तुझे बड़े घोटाले में फँसा देता।  इसलिए फ़ोन बंद कर दिया। 
तेरे घर में आज शार्ट सर्किट से आग लगती, तू सोया रहता और तुझे ख़बर ही नहीं पड़ती , इसलिए लाईट बंद कर दी। मैं हूं ना  .....! मैंने यह सब तुझे बचाने के लिए किया। 

व्यक्ति ने कहा, भगवान मुझसे भूल हो गई।  मुझे माफ कीजिये।  आज के बाद फ़रियाद नहीं करूँगा। 
भगवान ने कहा,  माफी माँगने की ज़रूरत नहीं , परंतु विश्वास रखना कि मैं हूं ना ....,

मैं जो करूँगा , जो योजना बनाऊँगा वो तेरे अच्छे के लिए ही । जीवन में जो कुछ अच्छा - खराब होता है  उसकी सही असर लम्बे वक़्त के बाद समझ में आती है। मेरे कोई भी कार्य पर शंका न करो।मुझ पर आस्था ,श्रद्धा ,विश्वास  रखो। 

जीवन का भार अपने ऊपर लेकर घूमने के बदले मस्ती मैं रहो । क्योंकि मैं हूं ना .....!

दूसरे दिन वह भक्त राम मंदिर गया और भगवान राम को स्मरण कर उनसे पिछली रात किये गए प्रश्नो के लिए क्षमा मांगी।और अपने दैनिक कार्य में लग गया। 

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धन्यवाद !!!

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