Problem And Solution / समस्या और समाधान

एक गाँव में रहने वाला एक व्यक्ति हमेशा किसी ना किसी समस्या से उदास रहता था और इस कारण अपने जीवन से बहुत दु:खी था। 

एक दिन उसे कहीं से पता लगा  कि एक पंडित महोदय अपने काफ़िले के साथ उसके गाँव में पधारे है, उसने तय किया कि वह पंडित महोदय से मिलेगा और अपने Life की समस्याओं के समाधान का उपाय पूछेगा। 

शाम को वह उस स्थान पर पहुँचा, जहाँ पंडित महोदय रुके हुए थे, कुछ समय प्रतीक्षा करने के उपरांत उसे पंडित महोदय से मिलने का अवसर प्राप्त हो गया. वह उन्हें प्रणाम कर बोला, पंडित महोदय ! मैं अपने Life में एक के बाद एक आ रही समस्याओं से बहुत व्यथित  हूँ, एक से छुटकारा मिलता नहीं कि दूसरी सामने खड़ी हो जाती है। 

कभी घर की समस्या, काम की समस्या, स्वास्थ्य की समस्या और जाने कितनी ही समस्यायें हैं। ऐसा लगता है कि मेरा पूरा जीवन समस्याओं से घिरा हुआ है, कृपा करके कुछ ऐसा उपाय बतायें कि मेरे Life की सारी समस्यायें खत्म हो जाये और मैं शांतिपूर्ण और ख़ुशहाल जीवन जी सकूं। ”

उसकी पूरी बात सुनने के बाद पंडित महोदय मुस्कुराये और बोले, “ बेटा! मैं तुम्हारी समस्या समझ गया हूँ , उन्हें हल करने के उपाय मैं तुम्हें कल बताऊंगा। इस बीच तुम मेरा एक छोटा सा काम कर दो।” यह सुनकर वह गांव का व्यक्ति व्यक्ति तैयार हो गया। 

पंडित महोदय बोले, “ बेटा, मेरे काफ़िले में 10 ऊँट है. मैं चाहता हूँ कि आज रात तुम उनकी रखवाली करो , जब सभी 10 ऊँट बैठ जायें, तब तुम सो जाना। ”

यह कहकर पंडित महोदयअपने तंबू में सोने चले गए।और वह  गांव का व्यक्ति ऊँटों की देखभाल करने चला गया। अगली सुबह पंडित महोदय ने उसे बुलाकर पूछा , “ बेटा! तुम्हें रात को नींद तो अच्छी आई ना ? ”

व्यक्ति ने उत्तर दिया -“ कहाँ पंडित महोदय ? पूरी रात मैं एक पल के लिए भी सो न सका। मैंने बहुत प्रयास किया कि सभी ऊँट एक साथ बैठ जायें, ताकि मैं चैन से सो सकूं। लेकिन मेरा प्रयास सफल न हो सका , कुछ ऊँट तो स्वतः बैठ गए।  कुछ मेरे बहुत प्रयास करने पर भी नहीं बैठे। कुछ बैठ भी गए , तो दूसरे उठ खड़े हुए। इस तरह पूरी रात बीत गई। ”

पंडित महोदय मुस्कुराये और बोले, “ यदि मैं गलत नहीं हूँ , तो तुम्हारे साथ कल रात यह हुआ ? कुछ  ऊँट ख़ुद-ब-ख़ुद बैठ गए। लेकिन कुछ को तुमने अपने प्रयासों से बैठाया। कुछ  तुम्हारे बहुत प्रयासों के बाद भी नहीं बैठे , बाद में तुमने देखा कि वे उनमें से कुछ अपने आप ही बैठ गए। ”

बिल्कुल ऐसा ही हुआ पंडित महोदय , व्यक्ति तत्परता से बोला। तब पंडित महोदय ने उसे समझाते हुए कहा , क्या तुम समझ पाए कि जीवन की समस्यायें इसी तरह है। 

कुछ समस्यायें अपने आप ही हल हो जाती हैं। कुछ प्रयास करने के बाद हल होती है.कुछ प्रयास करने के बाद भी हल नहीं होती हैं। उन समस्याओं को समय पर छोड़ दो , सही समय आने पर वे अपने आप ही हल हो जायेंगी। 

कल रात तुम ने अनुभव किया होगा कि चाहे तुम कितना भी प्रयास क्यों न कर लो? तुम एक साथ सारे ऊँटों को नहीं बैठा सकते हो। तुम एक को बैठाते हो, तो दूसरा खड़ा हो जाता है, दूसरे को बैठाते हो, तो तीसरा खड़ा हो जाता है। 

आपकी Life की समस्यायें इन ऊँटों की तरह ही हैं, एक समस्या हल होती नहीं कि दूसरी खड़ी हो जाती है. समस्यायें Life  का हिस्सा समझो । कभी ये कम हैं, तो कभी ज्यादा, बदलाव तुम्हें स्वयं में लाना है और हर समय इनमें उलझे रहने के स्थान पर इन्हें एक तरफ़ रखकर Life  में आगे बढ़ना है। ”

व्यक्ति को पंडित महोदय की बात समझ में आ गई और उसने निश्चय किया कि आगे से वह कभी अपनी समस्याओं को खुद पर हावी होने नहीं देगा. चाहे सुख हो या दुःख जीवन में आगे बढ़ता चला जायेगा। 

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धन्यवाद !!!

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