Motivational Story - Identify your value (अपना मूल्य पहचानो... )

अपनी Life से हताश और निराश आदमी एक साधू के पास जाता हैं और कहता हैं - भगवन ,मेरी Life में बहुत सी समस्याएं हैं , मैं जब भी किसी से उनका हल पूछता हूँ , तो सब अलग-अलग तरीके से अपनी सलाह देने लगते हैं। 

 

कुछ लोग मुझे समस्या में जानकार मेरा मजाक उड़ाते हैं तो कई लोग डराते धमकाने लगते हैं।  लोग कहते हैं दूसरों को अपनी समस्या बतलाने से  मन हल्का हैं। 

 

लेकिन यहाँ तो लोग कमजोर जानकार और फायदा लेने लगते हैं हाँ कुछ लोग अच्छी बात भी करते हैं। और हिम्मत भी देते हैं। मैं उन सबको  सुनकर बहुत Confuse हो जाता हूँ। आखिर में किसकी बात को Follow करूँ। अब आप ही बताए मैं क्या करूँ। 

 

तब साधू उस आदमी को एक चमकदार पत्थर देते हुए कहते हैं - बाहर जाकर इसकी कीमत पता कर आओ ,ध्यान रहे इससे बेचना मत। आदमी साधू से पत्थर लेकर बाज़ार में निकल जाता हैं। 



बाज़ार में सबसे पहले आदमी को फलवाला मिलता हैं आदमी पत्थर दिखाकर फलवाले से पूछता हैं बताओ इस पत्थर के बदले में तुम मुझे क्या दोगे। फलवाला पत्थर देखकर कहता हैं - 'मैं तुम्हे इस पत्थर के बदले 1किलो सेव फल दूँगा। यह सुनकर आदमी आगे चला जाता हैं।

 

आगे उस आदमी को सब्जीवाला मिलता हैं आदमी पत्थर दिखाकर सब्जीवाले से पूछता हैं बताओ इस पत्थर के बदले में तुम मुझे क्या दोगे। सब्जी वला पत्थर देखकर कहता हैं - 'मैं ,तुम्हे इस पत्थर के बदलेबोरी आलू  दूँगा। आदमी पत्थर लेकर आगे चला जाता हैं।

 

आगे चलकर वह आदमी तरह तरह के व्यापारियों से मिलकर उस पत्थर की कीमत का अंदाजा लगवाता हैं आखिरी में एक जौहरी के पास पहुँच कर , पत्थर दिखाकर पत्थर की कीमत पूछता हैं जौहरी उस पत्थर को ध्यान से देखता हैं। 

 

जौहरी कहता हैं इतना वेशकीमती पत्थर तुम्हे कहाँ से मिला। जौहरी आदमी से कहता हैं अगर इस पत्थर के बदले में तुम्हे करोड़ो रुपये भी दूँ तो इसकी कीमत अदा  नहीं कर सकता हूँ तुम्हे ये पत्थर कहाँ से मिला। आदमी कहता हैं - ' यह पत्थर मुझे साधू  ने दिया हैं और किसी को भी बेचने के लिए मना किया हैं। '

 

आदमी पत्थर लेकर पुनः साधू के पास पहुँचता हैं और साधू से पूछता हैं , सभी के द्वारा पत्थर के मूल्य को अलग अलग बताया गया ऐसा क्यों हुआ।  तब साधू उस आदमी से कहता हैं सभी ने अपनी सामर्थ्य और बुद्धि के आधार इस पत्थर का मूल्य आंका हैं। 

 

ऐसे ही सभी व्यक्ति तुम्हारे बारे अपनी अपनी समझ और बुद्धि के अनुसार ही बोलते और व्यवहार करते हैं अब यह तुम पर निर्भर हैं तुम किसकी बात को सलाह के रूप में ग्रहण करते हो। किन बातों को नज़र अंदाज़ कर देते हो। 

 

दोस्तों ,आपको भी रोज़ हर तरह के लोग मिलते हैं कुछ आपको प्रोत्साहित करने वाली बात करते हैं तो कुछ निराशाबादी बात कहेंगे अब यह आप पर निर्भर आप किन्हे सही समझ कर अपनी life में आगे बढ़ते हैं। 

 

हमेशा स्वयं से कहिये -

 

" हम अनमोल हीरे और हम हीरे की तरह  चमकते रहेंगे। "

 

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धन्यवाद !!!

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