Inspirational Story - Million Dollar Painting / ( मिलियन डॉलर की पेंटिंग )

यह Story ,स्पेन में जन्मे बहुत ही प्रसिद्ध चित्रकार की हैं। उनकी पेंटिंग्स के चर्चे पूरी दुनिया में होते  थे। उनकी पेंटिंग दुनियाभर में करोड़ों रुपयों में बिका करती थी। और उनकी पेंटिंग के दुनिया में कई प्रशंसक थे। 

एक बार उस प्रसिद्ध पेंटर को किसी काम से कही जाना  था। तभी रात होने के कारण एक छोटे से होटल में  उन्हें रुकना पड़ा। वहाँ उस Hotal के लोग उन्हें नहीं पहचानते थे कि वे इतने Famous चित्रकार हैं।

लेकिन उसी होटल में ठहरी एक महिला की नज़र उस चित्रकार पर पड़ी और वे उन्हें पहचान गयी। वह महिला चित्रकार के पास पहुंची और बोली -"सर ,मैं आपकी बहुत बड़ी प्रशंसक हूँ। प्लीज ,आप मेरे लिए भी एक पेंटिंग बना दे।"

चित्रकार ने कहा - "अभी मेरे पास फिलहाल यहाँ पेंटिंग का सामान नहीं हैं , मैं फिर कभी बना दूँगा। "

महिला ज़िद करने लगी कि न जाने मैं आप से अब कब मिल पाऊँगी।आप अभी कुछ बना दीजिये। उस चित्रकार ने अपनी जेब से कागज़ का टुकड़ा निकाला और Hotel Receptionist से पेन लेकर 20 सेकंड से भी काम समय में उसे कुछ बना कर दे दिया और कहा - " ये लो ,यह million dollar की पेंटिंग हैं।"

महिला तुरंत वहां से चली गयी और सोचने लगी कि चित्रकार ने उसे जल्दबाज़ी में  पेंटिंग बना कर दे दिया और मेरा मज़ाक बनाने के लिए कह रहें हैं कि यह पेंटिंग million  dollar की हैं। फिर भी उसने मार्केट  में जाकर पेंटिंग की कीमत पता करने की कोशिश की तब उसे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि वह पेंटिंग सच में million dollar  की थी।

अब वह महिला अगले दिन फिर से चित्रकार से मिली और उनसे कहने लगी कि सर, आपने 20 सेकंड से भी कम समय में million  dollar की पेंटिंग बना दी।आप मुझे भी पेंटिंग बनाना सिखा दीजिये। मैं 20 सेकंड में न सही ,लेकिन 20 minute में ही कुछ बना पाऊगीं।

प्रसिद्ध चित्रकार मुस्कुराते हुए बोले -" यह मैंने 20 सेकंड में पेंटिंग जरूर बनाई हैं लेकिन इसे सीखने के लिए मुझे 30 वर्षों का समय लगा। मैंने अपनी life के 30 वर्ष इसे सीखने में दिए हैं तुम भी दो तो अवश्य सीखलोगी।"
ध्यान से सोचे , हम IAS , IPS , IES की lifestyle देख कर प्रभावित तो बड़ी जल्दी हो जाते हैं लेकिन उस position तक पहुँचने  में की गयी मेहनत को नज़र अंदाज़ कर देते हैं।ऐसे ही हम बाग़ में लगे फूल देख कर और सुगंध से प्रकृति से जुड़ तो जाते हैं लेकिन उस बगान में माली द्वारा किये गए अथक मेहनत को याद नहीं करते  हैं। 

दोस्तों , एक पौधे में फल लगने से पूर्व खाद में बीज को रोपा जाता हैं समय-समय पर पानी देकर सींचा जाता हैं  प्रतिकूल मौसम में उसे स्वयं को ढालना होता हैं तभी पौधे में फूल और फल लगते हैं। 

शिक्षा - हमें समझना चाहिए कोई भी सफलता यूँही आसानी से नहीं मिलती हैं बल्कि उसकी तैयारी में कड़ी मेहनत ,समय भी लगाना ही पड़ता हैं। 

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धन्यवाद !!!

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