Difference between hard work and luck / मेहनत और भाग्य में अंतर ...

मेहनत और भाग्य में अंतर बस इतना हैं मेहनत उस सीढ़ी की तरह होती हैं जिस पर चल कर कभी न कभी मंजिल पर पंहुचा जाना तय हैं परन्तु भाग्य उस लिफ्ट की तरह होता जिसमे अंधेरा , भय बना रहता हैं कि हम  मंजिल तक पहुंच पाएँगे या नहीं। परन्तु आधुनिकता इस दौर में सभी लिफ्ट ही चाहते हैं और भाग्य भरोसे बैठें  रहते  हैं।
                हमारे जीवन में मेहनत और भाग्य दोनों का महत्त्व हैं क्योंकि सफलता और शीर्षता प्राप्त करने के लिए मेहनत और भाग्य दोनों की आवश्कता होती हैं।


                      उदाहरण स्वरुप आप सभी का बैंक में लॉकर तो होगा  ही  जिसकी एक चाबी बैंक में बैंककर्मी के पास होती हैं और दूसरी  स्वयं आपके पास ,अब यदि हमे उस लॉकर को खोलना हैं तो दोनों ही चाबी होना आवश्क  हैं  यदि हम मेहनत  रूपी अपनी चाबी को रोज़ बैंक जाकर लगाए तो किसी न किसी दिन भाग्य रूपी बैंककर्मी चाबी लगाएगा ही और लॉकर अर्थात सफलता हमें प्राप्त हो ही जाएगी.

            हमारे जीवन में उच्च स्थान पर पहुंचने के सपने तो UPLOAD आसानी से हो जाते हैं पर उन्हें DOWNLOAD  करने में पूरा जीवन लग जाता हैं .

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2 Comments

  1. भाग्य हीन को ना मिले भाली वस्तु का जोग
    दाग़ पके बरसात में और काक कंठ में रोग.... अर्थात जो व्यक्ति भाग्य हीन है उसे कुछ नहीं मिलता उदाहरण हेतु जैसे कि कौए को बरसात में गले में रोग हो जाता है तो वह चाह के भी किसमिस नहीं का सकता जबकि किसमिस बरसात में ही पकती है!!

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